Assignment no. - 10
कोविड-19 ऐसी परिस्थिति में बच्चों की योग्यता बढ़ाने की प्रक्रिया के लिए आपके द्वारा दी गई सलाह और सूचनाएं :-
निश्चित तौर पर उन लोगों के सामनेेे अपने बच्चों मैं मूल्यांकन और परीक्षा परिणामों की समस्या होगीी जो बच्चों के लिए औपचारिक परिवेश निर्माण में सर्वाधिक महत्वपूर्णण है । महामारी की परिस्थिति हमें सरकार द्वारा बिना परीक्षा बच्चों कोो उत्तीर्ण करने के निर्णय ने शिक्षकों केे संबं यह चुनौतीी पैदा कर दी है की वह अमुक छात्र को अध्ययन करनेे की कवायद के हिस्सेे में क्या क्या करें। कहना होग के इसका समाधान सतत मूल्यांकन प्रणाली में छुपा है। सतत मूल्यांकन क्याा है इसे कैसे समझा जा सकता है और इसे एक अंक पत्रर पर कैसे अभिव्यक्तत कियाा जा सकता है आदिि के प्रशिक्षण से शायद ही कोई शिक्षक वंचित होंगे क्योंकि किसी भी शिक्षक को प्रशिक्षण के दौरान मूल्यांकन के विभिन्न प्रश्ननों के बारेेे में विभिन्न सीखने काााा अवसर मिलता है।
जीवन केे विभिन्न क्षेत्रों में हमें प्रतिस्पर्धा प्रतियोगिता और परीक्षा जैसे शब्दों से दो-चार होना पड़ता है । यह शब्द हमें पास फिर के रूप में बहुत कुछ दे जाते हैं । किसी का जीवन पटरी पर सरपट तोड़ने लगता है तो किसी की जिंदगी पटरी से उतर जाती है फिर भी मनुष्य निर्मिता व्यवस्था ने हर व्यक्ति के जीवन में प्रतिस्पर्धा प्रतियोगिता और परीक्षा की गाड़ियां आती है । इस समय पूरी दुनिया के कोविड-19 नामक बीमारी संक्रामक बीमारी में आप पर परिस्थितियों पैदा कर दी है । चीन इटली और फ्रांस में संक्रमण की अनियंत्रित मामलों का संज्ञान लेते हुए भारत में केंद्र और राज्य सरकारों को आपस कदम उठाने पड़े । यदि उत्तर उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां सरकार ने 13 मार्च को ही इसे महामारी घोषित करते हुए 14 मार्च से 22 मार्च तक कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया था । संक्रमण की व्यवहार और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह समय 2 अप्रैल तक बढ़ाया दिया गया इस बीच कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों का बिना परीक्षा ही अगली कक्षा में प्रदान करने का भी आदेश जारी किया गया इसके पीछे कोविड-19 के संक्रमण से बच्चों को बचाना ही प्रमुख उद्देश्य रहा है ।
इस लेख के माध्यम से मैं भी अपील करता हूं कि हम में से हर व्यक्ति नैतिक रूप से कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने संबंधी सूचनाओं का उपयोग करें । इस अपील के साथ में उन लोगों की समस्या पर ध्यान करना चाहता हूं जो माता पिता और शिक्षक के तौर पर अपने बच्चों की परीक्षा और मूल्यांकन को लेकर चिंतित है यह चिंता स्वाभाविक भी है कि क्या बिना परीक्षा तिथि बच्चे को अगली कक्षा में रोलन करना उचित है ऐसे माता-पिता और शिक्षकों की चिंता अपनी जगह उचित है लेकिन उन्हें यह समझना होगा कि महामारी की परिस्थितियां असाधारण होती है खासकर तब जब कोविड-19 जैसी महामारी को डॉक्टरों और उपलब्ध स्वास्थ सुविधाओं के दम पर टाला नहीं जा सकता है कोविड-19 ऐसी ही बीमारी है जो महामारी का रूप धारण कर चुकी है ऐसे में परीक्षा और मूल्यांकन से अधिक यह है हो जाता है कि जिसके लिए परीक्षा का आयोजन किया जाता है और जिस का मूल्यांकन करना होता है उसके स्वास्थ्य सुरक्षा के उपाय सोचें जाएं और समय रहते उचित कदम उठाएं जाए । स्कूलों और अन्य सार्वजनिक महत्व के स्थानों पर बच्चों को जाने से रोकना ऐसा ही कदम है इस पर सवाल उठाना बेमानी है ।
निश्चित तौर पर एक पूरे शैक्षिक 17 दिन ही बलिक पिछले कई वर्षों से बच्चों से के साथ सीखने सिखाने के ढेर सारे क्षणों की याद ताजा हो उठेगी। जो के बच्चे virtual ऑनलाइन क्लासेस के द्वारा लाभ उठाएंगे। शिक्षक ऑनलाइन क्लासेस के द्वारा बच्चों को पाठ पढ़ाएंगे और उनके पाठ संबंधित समस्याओं को दूर करेंगे । शिक्षक ऑनलाइन क्लासेज द्वारा बच्चों को covid-19 जैसी महामारी से बचने की सलाह भी दे सकते हैं । इस तरह से मूल्यांकन का कार्य संपन्न किया जा सकता है ।
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